इसी निमित्त जब पृथ्वी पर अत्याचारियों राक्षसों दुराचारियों के अत्याचार बड़े तो पृथ्वी ने गाय का रूप धारण कर देवताओं को साथ लेकर क्षीर सागर में सयन कर रहे भगवान श्री हरि विष्णु के समक्ष अपनी गुहार लगाई और अपनी आप बीती सुनाई श्री हरि विष्णु ने पृथ्वी रूपी गाय के दुख को समझ कर पृथ्वी और देवताओं को आश्वासन दिया कि हम शीघ्र ही पृथ्वी पर ब्रज में अवतार लेंगे और पापी दुराचारियों के अत्याचारों से मुक्ति दिलाएंगे अपने आश्वासन के अनुसार भगवान श्री हरि विष्णु ने वसुदेव देवकी के यहां जन्म लिया विभिन्न लीलाएं घर एक-एक राक्षस को मारा पृथ्वी को अत्याचारों से मुक्ति दिलाई। भगवान के जन्म की कथा सुनते ही कथा पंडाल में बैठे भक्तजन खुशी से झूम उठे खूब बधाइयां हुई मंगल गीत गाए गए मिठाइयां और गुड़ के लड्डू बांटे गए इस दौरान क्षेत्र के विधायक कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की धर्मपत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत कथा में उपस्थित हुई मंगल गीत गए प्रसाद और मिष्ठान वितरण किया इस अवसर पर सैकड़ो धर्म प्रेमी जन मातृशक्ति माताएं बहने उपस्थित थी कथा प्रतिदिन 2:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित हो रही है


